बच्चे का पहला शतरंज टूर्नामेंट एक बड़ा दिन होता है। इसमें रोमांच भी होता है, थोड़ी घबराहट भी, और बहुत-सी नई चीज़ें भी: घड़ियाँ, स्कोर शीट, शांत हॉल और बोर्ड के सामने अनजान खिलाड़ी। थोड़ी-सी तैयारी घबराहट को मज़े में बदल देती है।
यह गाइड माता-पिता के लिए है। इसमें बताया गया है कि शुरुआती टूर्नामेंट में आमतौर पर क्या होता है, बच्चे को कौन-से नियम पता होने चाहिए, और टूर्नामेंट से पहले, उसके दौरान और बाद में आप बच्चे का साथ कैसे दें।
ऑनलाइन टूर्नामेंट से शुरुआत करें
अगर बच्चे ने कभी टूर्नामेंट नहीं खेला, तो ऑनलाइन टूर्नामेंट एक आसान पहला कदम है। वह घर से ही दूसरे बच्चों के ख़िलाफ़ खेलता है, न कहीं जाना पड़ता है और न लोगों से भरा हॉल होता है। हमारी वेबसाइट स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन टूर्नामेंट करवाती है, जो घड़ी और लगातार कई गेम खेलने की आदत डालने का आसान तरीका है।
बच्चे को कौन-से नियम पता होने चाहिए
शुरुआती टूर्नामेंट शतरंज के आम नियमों पर ही चलते हैं, साथ में कुछ आदतें जो असली बोर्ड पर खेलते समय ज़्यादा मायने रखती हैं:
- टच-मूव: अगर आप जान-बूझकर अपना कोई मोहरा छूते हैं, तो आपको वही मोहरा चलना होगा। अगर आप सामने वाले का मोहरा छूते हैं, तो हो सके तो आपको उसे खाना होगा। किसी मोहरे को सीधा करना हो, तो पहले "adjust" बोलिए।
- घड़ी: हर खिलाड़ी के पास तय समय होता है। अपनी चाल चलिए, फिर उसी हाथ से घड़ी दबाइए। अगर आपका समय ख़त्म हो गया, तो आप गेम हार सकते हैं।
- चालें लिखना: बहुत से टूर्नामेंट में खिलाड़ी हर चाल स्कोर शीट पर लिखते हैं। घर पर कुछ गेम की चालें लिखने की प्रैक्टिस कीजिए, ताकि उस दिन यह नॉर्मल लगे।
- चुप्पी: गेम के दौरान कोई बातचीत नहीं, और माता-पिता या दोस्तों से कोई मदद नहीं। खिलाड़ी सिर्फ़ ड्रॉ ऑफ़र करने या आर्बिटर को बुलाने के लिए बोल सकते हैं।
- गेम से पहले और बाद में हाथ मिलाइए, जीतें या हारें।
साथ क्या ले जाएँ
- पानी और हल्का नाश्ता (केला, मेवे, सैंडविच)। लंबे दिन में एनर्जी चाहिए।
- स्कोर शीट के लिए दो पेन या पेंसिल।
- एक हल्का स्वेटर: हॉल ठंडे हो सकते हैं।
- राउंड के बीच के ब्रेक के लिए कोई किताब या शांत खेल।
- रजिस्ट्रेशन की वे सारी जानकारी जो आयोजक ने माँगी हो।
उस दिन: माता-पिता कैसे मदद कर सकते हैं
जल्दी पहुँचिए ताकि बच्चे को भागदौड़ न करनी पड़े। राउंड के बीच माहौल हल्का रखिए: पिछले गेम की बातें करने से ज़्यादा खाना, थोड़ी सैर और एक झप्पी काम आती है। सबसे पहले "जीते क्या?" मत पूछिए। पूछिए "मज़ा आया?" या "तुम्हारी सबसे अच्छी चाल कौन-सी थी?"
ज़्यादातर शुरुआती बच्चे अपने पहले टूर्नामेंट में कुछ गेम हारते हैं, और यह बिल्कुल नॉर्मल है। हॉल में मौजूद हर खिलाड़ी गेम हार चुका है। ज़रूरी यह है कि दिन ख़त्म होने पर बच्चा फिर से खेलना चाहे।
टूर्नामेंट के बाद
कुछ दिन बाद, जब भावनाएँ शांत हो जाएँ, साथ बैठकर एक गेम देखिए। एक अच्छा आइडिया और एक सबक ढूँढिए। बहुत से बच्चे अपने पहले टूर्नामेंट के बाद जल्दी सुधरते हैं, क्योंकि अब उन्हें पता होता है कि किस चीज़ की प्रैक्टिस करनी है। ओपनिंग के नियम और हर चाल से पहले ख़तरे देख लेने जैसी आसान आदतें सबसे बड़ा फ़र्क लाती हैं।
अगर बच्चा चाहता है कि कोई कोच उसे टूर्नामेंट के लिए तैयार करे, तो हमारी छोटी ऑनलाइन क्लास अच्छा अगला कदम हैं। आज़माने के लिए फ़्री डेमो क्लास बुक कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरा बच्चा टूर्नामेंट के लिए कब तैयार है?
जब उसे कैसलिंग और चेकमेट समेत सारे नियम आते हों, और वह शांति से पूरा गेम खेल सकता हो। शतरंज में बहुत अच्छा होना ज़रूरी नहीं; ज़रूरी है गेम से सीखने के लिए तैयार होना।
अगर मेरा बच्चा हर गेम हार जाए तो?
ऐसा बहुत से शुरुआती बच्चों के साथ होता है, और इसका मतलब यह नहीं कि वह शतरंज में कमज़ोर है। मेहनत की तारीफ़ कीजिए, हर गेम में एक अच्छा पल ढूँढिए, और बाद में किसी और टूर्नामेंट में फिर कोशिश कीजिए।
क्या माता-पिता गेम देख सकते हैं?
नियम अलग-अलग होते हैं। बहुत से टूर्नामेंट में माता-पिता खेलने वाले हॉल के बाहर इंतज़ार करते हैं, ताकि खिलाड़ी ध्यान लगा सकें। आयोजक से पूछ लीजिए।
क्या खेलने के लिए बच्चे की रेटिंग होना ज़रूरी है?
नहीं। ज़्यादातर शुरुआती और स्कूल टूर्नामेंट बिना रेटिंग वाले खिलाड़ियों के लिए खुले होते हैं। रेटिंग आमतौर पर रेटेड टूर्नामेंट में खेलने के बाद मिलती है।